हज़रत अब्दुल रहमान शाह सैलानी रहमतुल्लाह अलैह (सैलानी बाबा)
हज़रत अब्दुल रहमान शाह सैलानी रहमतुल्लाह अलैह (1871 – 16 दिसंबर 1908), जिन्हें श्रद्धा से सैलानी बाबा कहा जाता है, महाराष्ट्र के बुलढाणा ज़िले के एक महान सूफ़ी संत थे। वे नक़्शबंदी सूफ़ी सिलसिले से संबद्ध थे। उनकी पवित्र दरगाह, जो सैलानी बाबा दरगाह के नाम से प्रसिद्ध है, बुलढाणा ज़िले में स्थित है और आध्यात्मिक भक्ति, उपचार तथा सांप्रदायिक सौहार्द का एक प्रमुख केंद्र मानी जाती है। प्रारंभिक जीवन और पृष्ठभूमि सैलानी बाबा का जन्म एक समृद्ध और प्रतिष्ठित परिवार में हुआ था। उनके पिता काले ख़ान दिल्ली के एक प्रसिद्ध व्यापारी थे। काफ़ी वर्षों तक संतान न होने के बाद, एक सूफ़ी मजज़ूब संत की दुआ और बरकत से उन्हें पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई, जो आगे चलकर सैलानी बाबा के नाम से विख्यात हुए। बचपन और किशोरावस्था में सैलानी बाबा को कुश्ती का विशेष शौक़ था। इसी रुचि के कारण वे दिल्ली से दक्कन क्षेत्र की ओर चले गए, जहाँ उन्होंने बलापुर के नूर मियां , जो उस समय के प्रसिद्ध पहलवान थे, से कुश्ती की शिक्षा प्राप्त की और उसमें दक्षता हासिल की। इसके बाद वे हैदराबाद गए, जहाँ उनके जीवन में एक निर्णा...